कृषि
• 1 week ago
प्राकृतिक खेती और ड्रोन तकनीक से गेहूं की बंपर पैदावार: किसानों की लागत में 35% कमी
By Rajesh Verma
•
Chief Crime Bureau & Investigative Reporter
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भोपाल। कृषि विज्ञान केंद्रों और प्रगतिशील किसान संगठनों के संयुक्त प्रयासों से मध्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) का रकबा 10 लाख हेक्टेयर के पार पहुंच गया है। रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जीवामृत और जैव-उर्वरकों के प्रयोग से न केवल उत्पादन लागत में भारी कमी आई है, बल्कि गेहूं के दाने का आकार और पोषण स्तर भी बेहतर पाया गया है।
किसान ड्रोन से हुआ नैनो उर्वरकों का छिड़काव
आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से हुए प्रमुख लाभ:
- ड्रोन की मदद से मात्र 10 मिनट में 1 एकड़ खेत में समान रूप से पोषक तत्वों का छिड़काव।
- पानी की खपत में 30% और बिजली-डीजल के खर्च में उल्लेखनीय बचत।
- जैविक प्रमाणीकरण के बाद किसानों को मंडियों में 20-25% अधिक प्रीमियम भाव की प्राप्ति।
"जब हम प्रकृति के नियमों का सम्मान करते हुए खेती करते हैं, तो धरती माता हमें स्वस्थ और प्रचुर अन्न का आशीर्वाद देती है।" — प्रगतिशील किसान (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता)
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