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देश • 1 month ago

राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: भारत स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक केंद्र के रूप में अग्रसर

By Vikram Singh National Affairs & Editorial Desk Lead
राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: भारत स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक केंद्र के रूप में अग्रसर
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नई दिल्ली। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के द्वितीय चरण का विस्तृत रोडमैप जारी किया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश भर में हरित हाइड्रोजन और अमोनिया उत्पादन के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र द्वारा 80 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की रूपरेखा तैयार की गई है।

कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी का लक्ष्य

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना और वर्ष 2030 तक 50 लाख टन वार्षिक ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता हासिल करना है।

  • भारी परिवहन, स्टील और उर्वरक उद्योगों में शून्य-उत्सर्जन तकनीक का प्रयोग।
  • तटीय राज्यों में विशेष हाइड्रोजन एक्सपोर्ट जोन का निर्माण।
  • स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का विस्तार।
"स्वच्छ ऊर्जा न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के आर्थिक विकास का सबसे बड़ा इंजन भी बनेगी।" — ऊर्जा नीति विशेषज्ञ

वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों ने भी भारत के इस प्रयास की सराहना की है। भारत से यूरोप और एशिया-प्रशांत देशों को हरित ऊर्जा के निर्यात के लिए समुद्री लॉजिस्टिक्स पर काम तेजी से चल रहा है।

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