Paush Amavasya 2024 Daan: आज पौष अमावस्या पर करें इन 5 वस्तुओं का दान, नाराज पितर होंगे प्रसन्न, घर में आएगी खुशहाली

Paush Amavasya 2024 Daan: आज पौष अमावस्या पर करें इन 5 वस्तुओं का दान, नाराज पितर होंगे प्रसन्न, घर में आएगी खुशहाली


हाइलाइट्स

पौष अमावस्या पर आप स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें.
तर्पण के समय कुश से जल अर्पित करें. इससे वह जल पितरों को प्राप्त होता है.
पितरों को खुश करने के लिए दूध से बनी सफेद मिठाई का दान करना चाहिए.

पौष अमावस्या का पर्व आज 11 जनवरी को है. पौष अमावस्या पर आप स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें. उसके बाद अपने पितरों को खुश करने के लिए जल, काले तिल, सफेद फूल आदि से तर्पण दें. तर्पण करते समय अपनी अंगुली में कुश की पवित्री जरूर धारण करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तर्पण के समय कुश से जल अर्पित करें. इससे वह जल पितरों को प्राप्त होता है और वे तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं. पौष अमावस्या के दिन आपको पितरों के लिए कुछ वस्तुओं का दान करना चाहिए, जिससे वे खुश होकर आशीर्वाद दें. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्यो​तिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि पौष अमावस्या पर किन 5 वस्तुओं का दान करें, जिससे नाराज पितर खुश हो जाएं.

पौष अमावस्या 2024: पितरों को खुश करने के लिए करें 5 वस्तुओं का दान

1. सफेद मिठाई
पौष अमावस्या के दिन आपको पितरों को खुश करने के लिए दूध से बनी सफेद मिठाई का दान करना चाहिए. आप चाहें तो घर पर ही खीर बनाकर पितरों के निमित्त दान कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: कब है मौनी अमावस्या? सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा स्नान, दान और पूजा, जानें मुहूर्त और गंगा नहान का महत्व

2. पान का बीड़ा
अमावस्या के अवसर पर पितरों को पान का बीड़ा यानि लगा हुआ पान अर्पित करना चाहिए. पान को शुभ माना जाता है.

3. सफेद वस्त्र
अमावस्या के दिन पितरों के लिए सफेद रंग के कपड़ों का दान करना चाहिए. उसमें भी सफेद रंग की धोती, बनिया, तौलिया या गमछा शामिल करना चाहिए. पितरों को सफेद रंग प्रिय होता है.

4. केला
नाराज पितरों को खुश करने के लिए अमावस्या पर केला दान करना चाहिए. केला भगवान विष्णु को प्रिय है और केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है. उनकी कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

ये भी पढ़ें: पौष अमावस्या पर पितरों के लिए दीपक कब जलाएं? क्यों करते हैं ऐसा? जान लेंगे कारण तो नहीं करेंगे गलती

5. बर्तन
पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए अमावस्या पर कोई भी एक बर्तन दान करें. बर्तन को दक्षिणा के तौर पर माना जाता है. कोई भी दान बिना दक्षिणा के पूर्ण नहीं होता है. बर्तन में आप कटोरा, लोटा, थाली आदि दान कर सकते हैं.

क्यों दान करते हैं सामग्री?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आमवस्या, पूर्णिमा, पितृ पक्ष और अन्य व्रत-त्योहारों पर पितरों के लिए दान करते हैं. दान की वस्तुएं किसी ब्राह्मण को दान देने की पंरपरा है. कहा जाता है कि ब्राह्मण को ये वस्तुएं दान करने से वे पितरों को प्राप्त होती हैं. उससे वे संतुष्ट होकर पितृ दोष से मुक्ति प्रदान करते हैं. पितरों को भोजन का अंश कौआ, कुत्ता, गाय आदि के माध्यम से प्राप्त होता है, इसलिए पंच​बलि कर्म करते हैं.

Tags: Dharma Aastha, Religion



Source link

post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.