Gujarat hopes elon musk’s Tesla will come to the state with a plant, but rules out special treatment | गुजरात में टेस्ला को नहीं मिलेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट: MSME मिनिस्टर बलवंत सिंह ने कहा- मैनुफैक्चरिंग प्लांट के प्रस्ताव पर अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है

Gujarat hopes elon musk’s Tesla will come to the state with a plant, but rules out special treatment | गुजरात में टेस्ला को नहीं मिलेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट: MSME मिनिस्टर बलवंत सिंह ने कहा- मैनुफैक्चरिंग प्लांट के प्रस्ताव पर अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है

  • Hindi News
  • Business
  • Gujarat Hopes Elon Musk’s Tesla Will Come To The State With A Plant, But Rules Out Special Treatment

गुजरात3 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

गुजरात में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एलन मस्क की टेस्ला को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। यह बात गुजरात के माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) मिनिस्टर बलवंत सिंह राजपूत ने कही है।

 

बलवंत सिंह राजपूत ने कहा कि उम्मीद है कि टेस्ला गुजरात में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। हालांकि, टेस्ला के मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने के प्रस्ताव पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है।

बलवंत सिंह ने ये बातें अगले हफ्ते होने वाले वाइब्रेंट गुजरात 2024 समिट में एलन मस्क की उपस्थिति पर पूछे गए सवालों के जवाब में कही हैं। बलवंत ने इस बात का भी संकेत दिया कि इस ग्लोबल समिट में टेस्ला की गुजरात में एंट्री को लेकर ऐलान हो सकता है।

टेस्ला को खास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा, गुजरात नीतियों से चलने वाला राज्य
टेस्ला के स्वागत को लेकर गुजरात काफी उत्साहित है, लेकिन अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि बाकी कंपनियों की तुलना में टेस्ला को कोई खास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। राज्य के इंडस्ट्रीज एंड माइन्स डिपार्टमेंट के एडीशनल चीफ सेक्रेटरी एसजे हैदर ने कहा कि गुजरात नीतियों से चलने वाला राज्य है और सिर्फ टेस्ला को बुलाने के लिए नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

हाल ही में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली एलन मस्क की कंपनी टेस्ला इंक भारत के गुजरात में अपना पहला कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बात की ऑफिशियल अनाउंसमेंट 10 से 12 जनवरी 2024 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में होने की उम्मीद है।

गुजरात में टेस्ला प्लांट लगाने का ऐलान CEO एलन मस्क की मौजूदगी में होगा
अहमदाबाद मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में टेस्ला प्लांट लगाने का ऐलान कंपनी के CEO एलन मस्क की मौजूदगी में होगा। अमेरिका की इस EV कंपनी को भारत अगले साल से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को इंपोर्ट करने और दो साल की अवधि के भीतर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की अनुमति देगा।

टेस्ला का टारगेट गुजरात प्लांट से डोमेस्टिक-इंटरनेशनल डिमांड को पूरा करना
रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और बिजनेस एनवायरमेंट ने इसे टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए पसंदीदा लोकेशन बना दिया है। राज्य सरकार ने प्लांट की लोकेशन के लिए साणंद, धोलेरा और बेचराजी को ऑप्शन के रूप में पेश किया है। टेस्ला का टारगेट गुजरात प्लांट से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल (री: एक्सपोर्ट) दोनों डिमांड को पूरा करना है।

भारत के लिए टेस्ला के प्लान के बारे में खबरें लंबे समय से चल रही हैं। जिनमें से कई खबरों में अमेरिकी ऑटोमेकर की रियायतों की मांग और देश में टेस्ला के ऑपरेशन के लिए रेगुलेटरी नियमों को कम करने का खुलासा किया गया है।

टेस्ला को 15-20% की रियायती इंपोर्ट ड्यूटी पर कारों को इंपोर्ट करने की अनुमति दी जाएगी
इस बीच, शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने पिछले महीने बिजनेस टुडे को बताया था कि टेस्ला को लगभग 15-20% की रियायती इंपोर्ट ड्यूटी पर फुली बिल्ट यानी पूरी तरह से बनी हुई कारों को इंपोर्ट करने की अनुमति दी जा सकती है, जो ऐसे इंपोर्ट पर मौजूदा 100% से काफी कम है।

यह टेस्ला द्वारा भारत में एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने पर निर्भर होगा। अधिकारियों ने कहा था कि अगर टेस्ला शर्त पूरी करने में विफल रहती है, तो भारत कंपनी से संपूर्ण शुल्क लाभ वसूलने के लिए कदम उठाएगा।

टाटा मोटर्स और M&M जैसे भारतीय ईवी मैन्युफैक्चरर्स ने सवाल किया कि टेस्ला को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट क्यों दिया जाना चाहिए। गुजरात में पहले से ही मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और MG जैसी अन्य ऑटो कंपनियां के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।

मस्क ने कहा- वो अगले साल भारत आने का प्लान कर रहे हैं
बीते दिनों एलन मस्क ने भी कहा था कि वो अगले साल भारत आने का प्लान कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेस्ला भारत में नए प्लांट के लिए शुरुआत में लगभग 2 बिलियन डॉलर, यानी करीब 16,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है।

उनकी भारत से 15 बिलियन डॉलर, यानी करीब 1.2 लाख करोड़ तक के ऑटो पार्ट्स खरीदने की भी योजना है। कंपनी लागत कम करने के लिए भारत में कुछ बैटरियां बनाने पर विचार कर रही है।

पीयूष गोयल ने टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी विजिट की थी
हाल ही में कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कैलिफोर्निया में टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी विजिट की थी। हालांकि, इस दौरान कंपनी के मालिक एलन मस्क मौजूद नहीं थे। उन्होंने एक X पोस्ट में लिखा- ‘आपका टेस्ला में आना सम्मान की बात है! आज कैलिफोर्निया नहीं आ पाने के लिए मुझे खेद है, लेकिन मैं फ्यूचर डेट में मीटिंग की आशा रखता हूं।’

पीयूष गोयल ने तस्वीरें शेयर करते हुए X पर लिखा था- ‘प्रतिभाशाली भारतीय इंजीनियरों और फाइनेंस प्रोफेशनल्स को सीनियर पोजिशन पर काम करते हुए और टेस्ला की रिमार्केबल जर्नी में योगदान करते हुए देखकर बेहद खुशी हुई।’ गोयल ने कहा- ‘एलन मस्क की मैग्नेटिक प्रेजेंस को मिस किया और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

पीयूष गोयल ने टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी में कार के बारे में जानकारी ली।

पीयूष गोयल ने टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी में कार के बारे में जानकारी ली।

विजिट के दौरान पीयूष गोयल वहां काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स से मिले।

विजिट के दौरान पीयूष गोयल वहां काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स से मिले।

गोयल ने कहा- भारतीय इंजीनियरों को यहां काम करते हुए देखकर बेहद खुशी हुई।

गोयल ने कहा- भारतीय इंजीनियरों को यहां काम करते हुए देखकर बेहद खुशी हुई।

तबीयत ठीक नहीं होने के कारण मस्क यहां नहीं आए, गोयल को अधिकारियों ने फैक्ट्री दिखाई।

तबीयत ठीक नहीं होने के कारण मस्क यहां नहीं आए, गोयल को अधिकारियों ने फैक्ट्री दिखाई।

इसी साल जून में प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे मस्क
इसी साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्यूयॉर्क में टेस्ला के CEO एलन मस्क ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद मस्क ने कहा था- भारत में दुनिया के किसी भी बड़े देश की तुलना में अधिक संभावनाएं हैं। मैं भारत के भविष्य को लेकर उत्साहित हूं। मैं मोदी का फैन हूं। यह एक शानदार मुलाकात थी और मैं उन्हें काफी पसंद करता हूं।

PM मोदी ने भी इस मुलाकात की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा- ‘आज आपसे शानदार मुलाकात हुई एलन मस्क। हमने ऊर्जा से लेकर आध्यात्मिकता तक के इश्यूज पर बातचीत की।’

पिछले साल टेस्ला और सरकार के बीच नहीं बनी थी बात

  • पिछले साल टेस्ला ने भारत आने की इच्छा जताई थी, लेकिन तब कंपनी और सरकार के बीच बात नहीं बन पाई थी। टेस्ला ने सरकार से पूरी तरह से असेंबल गाड़ियों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 100% से घटाकर 40% करने की मांग की थी।
  • कंपनी चाहती थी कि उसकी गाड़ियों को लग्जरी नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल माना जाए, लेकिन सरकार ने कहा था कि दूसरे देशों से इंपोर्ट किए जाने वाले किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ या कम करने का कोई भी इरादा नहीं है।
  • सरकार ने कहा था कि अगर टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का कमिटमेंट करती है तो इंपोर्ट पर छूट देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, मस्क चाहते थे कि पहले भारत में कारों की बिक्री की जाए, इसके बाद प्लांट लगाने का विचार किया जाएगा।
  • 27 मई 2022 को भी एक ट्वीट में रिप्लाई करते हुए एलन मस्क ने कहा था, ‘टेस्ला ऐसे किसी लोकेशन पर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं लगाएगी जहां उसे पहले से कारों को बेचने और सर्विस की परमिशन नहीं है।’

 

Source link

post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.