क्या इंसान को रिप्लेस कर देगा AI? ChatGPT इस्तेमाल करने के बाद आनंद महिंद्रा ने शेयर की अपने दिल की बात

क्या इंसान को रिप्लेस कर देगा AI? ChatGPT इस्तेमाल करने के बाद आनंद महिंद्रा ने शेयर की अपने दिल की बात

नई दिल्ली. महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल्स के बारे में वह बात कह दी है, जो शायद इस टूल को बनाने वालों को पसंद नहीं होगी. आनंद महिंद्रा ने चैटजीपीटी इस्तेमाल करने के बाद कहा कि यह प्रभावित करने वाला (Impressive) है, लेकिन इंसान को रिप्लेस नहीं कर सकता. महिंद्रा कल (सोमवार को) तमिलनाडु ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (TN GIM) में बोल रहे थे.

हुआ यूं कि बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा इस इन्वेस्टर्स मीट में पहुंचे थे. इसी दौरान किन्हीं कारणों से उन्होंने एआई टूल चैटजीपीटी (AI tool ChatGPT) का इस्तेमाल किया. बाद में आनंद्र महिंद्रा ने इसे यूज़ करने के बाद हुए अपने अनुभव को अपने भाषण के दौरान साझा किया. उन्होंने कहा, चैटजीपीटी ने तमिलनाडु के बारे में कुछ अच्छे प्वाइंट्स बताए, खासतौर पर इस राज्य के शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में. इसके बाद उन्होंने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह नहीं कर सकता, जो इंसान कर सकते हैं. यह मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं.”

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क्या उत्तर दिया चैटजीपीटी ने
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा, “मैंने चैटजीपीटी का इस्तेमाल यह जानने के लिए किया कि तमिलनाडु में निवेश करना क्यों एक अच्छा आइडिया हो सकता है. इसने मुझे अच्छे रिस्पॉन्स दिए, जैसे कि शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल्स वर्कफोर्स, बढ़िया पोर्ट, अच्छा शिक्षा नीति, और सरकार का सपोर्ट.”

उन्होंने कहा कि वह चैटजीपीटी की लिखी हुई स्पीच को बहुत अच्छे से पढ़ सकते थे, लेकिन यह टूल केवल डेटा एग्रीगेट कर सकता है. एक इंसान खुद तमिलनाडु में होने का अनुभव करके अपनी बात कह सकता है, जो चैटजीपीटी नहीं कर सकता. कुल मिलाकर आनंद महिंद्रा ने महसूस किया कि चैटजीपीटी डेटा कलेक्ट करने वाला एक टूल हो सकता है, लेकिन यह इंसान के अनुभव को कभी रिप्लेस नहीं कर पाएगा.

Tags: Anand mahindra, Artificial Intelligence, Businessman Anand Mahindra, Information and Technology

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